Sunita Suman
Saturday, 22 December 2012
तलबगार
कहने को सबने कह दिया
इंसानियत शर्मसार है,
क्या इसके लिए हमारा
परिवेश हीं नहीं जिम्मेदार है,
नज़र उठा के देखिए
हर आदमी हवश का शिकार है
आज का हर इंसान
इंसानियत का तलबगार है........
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